बाइबल के अनुसार मनुष्य का स्वभाव क्या है?

बाइबल के अनुसार मनुष्य का स्वभाव क्या है? ध्यान दें: अंग्रेजी में 2 शब्द हैं जिनके लिए हिन्दी मे एक ही शब्द प्रयोग किया जाता है। (1) Spirit – आत्मा…

अच्छे लोगों के साथ बुरा क्यों होता है?

परमेश्वर अच्छे लोगों के साथ अच्छे कारण के लिए बुरी बातें होने देता है (1 पतरस 1:7)। तथापि, सबसे बढ़कर, हमें यह याद रखना चाहिए कि परमेश्वर भला, न्यायी, प्रेमी…

क्या यहूदा और पीलातुस यीशु की मृत्यु के लिए पूरी तरह जिम्मेदार हो सकते थे?

पृथ्वी पर यीशु का मिशन मानव पाप के प्रायश्चित में मरना था (1 यूहन्ना 2:2)। यदि किसी को मसीह की मृत्यु के लिए जिम्मेदार ठहराया जा सकता है, तो वह…

क्रम-विकासवादी के लिए नैतिकता कहाँ से आती है?

क्रम-विकासवादी के लिए नैतिकता कहाँ से आती है? चार्ल्स डार्विन ने नैतिकता की उत्पत्ति का सीधा उत्तर दिया: “एक व्यक्ति जिसके पास व्यक्तिगत ईश्वर के अस्तित्व या प्रतिशोध और इनाम…

क्या हमारे पास स्वतंत्र इच्छा है?

परमेश्वर ने मनुष्य को स्वतंत्र इच्छा से बनाया क्योंकि वह चाहता था कि उसकी सृष्टि उसके साथ एक ऐसा संबंध रखे जो प्रेम से प्रेरित हो, न कि भय से।…

“नए धर्मशास्त्र” शब्द का क्या अर्थ है?

द न्यू थियोलॉजी (नया धर्मशास्त्र) एक ऐसा आंदोलन है जो रूढ़िवादी या कट्टरपंथी धर्मशास्त्रीय विचार से दूर चलाया गया, जिसकी उत्पत्ति 19वीं शताब्दी के अंत में हुई थी और इसका…

क्या आप धर्मनिरपेक्ष मानवतावाद को धर्म मानते हैं?

वेबस्टर धर्मनिरपेक्ष मानवतावाद को परिभाषित करता है: “कोई भी प्रणाली या विचार या कार्य, जिसमें मानव हित, मूल्य या गरिमा पूर्व निर्धारित हो।” वेबस्टरज एनसाइक्लोपीडिक अनब्रिजीडेड डिक्शनरी ऑफ द इंग्लिश…

हरे कृष्ण आंदोलन क्या है?

इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्शियसनेस (इस्कॉन) या हरे कृष्ण आंदोलन हिंदू धर्म की एक शाखा है, जिसे औपचारिक रूप से गौड़ीय वैष्णववाद के रूप में जाना जाता है। इसका नाम…

क्या लोग एक ही समय में मसीही बन सकते हैं और खुश हो सकते हैं?

प्रभु में मसीही बहुत खुश हो सकते हैं। यीशु ने कहा, “मैं ने ये बातें तुम से इसलिये कही हैं, कि मेरा आनन्द तुम में बना रहे, और तुम्हारा आनन्द…

क्या विश्वास विचार करने की आवश्यकता को रद्द करता है?

वास्तविक विश्वास तर्क और पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में प्रयोग किए जाने वाला अंध विश्वास नहीं है। यद्यपि विश्वास उन चीजों के बारे में हमारा विश्वास है जो हम नहीं…