लाल सागर को पार करने में इस्राएलियों को कितना समय लगा?

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यह एक अच्छा सवाल है। फिल्में इसे शीघ्र रूप से चित्रित करती प्रतीत होती हैं। हम बाइबल में कुछ संकेत पा सकते हैं कि लाल सागर को पार करने में इस्राएलियों को कितना समय लगा। बाइबल बताती है कि फसह के बाद रात में इस्राएलियों ने मिस्र छोड़ दिया। परमेश्वर ने इस्राएल से कहा कि वह “आधी रात” (निर्गमन 12:29) में मिस्र के पहलौठे को मार डालेगा। फिरौन ने रात में मूसा और हारून को बुलाया, ठीक पहिलौठे के मारे जाने के बाद। जिस स्तिथि पर उसने कहा, की बहुत हुआ और परमेश्वर के बच्चों को मिस्र छोड़ने के लिए कहा (पद 31)।

निर्गमन

इसलिए, आधी रात के बाद इस्राएल छोड़ दिया। निर्गमन 12:42, 51 हमें बताता है:

“यहोवा इस्राएलियों को मिस्र देश से निकाल लाया, इस कारण वह रात उसके निमित्त मानने के अति योग्य है; यह यहोवा की वही रात है जिसका पीढ़ी पीढ़ी में मानना इस्राएलियों के लिये अति अवश्य है। और ठीक उसी दिन यहोवा इस्राएलियों को मिस्र देश से दल दल करके निकाल ले गया।”

शास्त्र बताता है, “इस प्रकार वह मिस्रियों की सेना और इस्राएलियों की सेना के बीच में आ गया; और बादल और अन्धकार तो हुआ, तौभी उससे रात को उन्हें प्रकाश मिलता रहा; और वे रात भर एक दूसरे के पास न आए। और मूसा ने अपना हाथ समुद्र के ऊपर बढ़ाया; और यहोवा ने रात भर प्रचण्ड पुरवाई चलाई, और समुद्र को दो भाग करके जल ऐसा हटा दिया, जिससे कि उसके बीच सूखी भूमि हो गई। तब इस्राएली समुद्र के बीच स्थल ही स्थल पर हो कर चले, और जल उनकी दाहिनी और बाईं ओर दीवार का काम देता था। तब मिस्री, अर्थात फिरौन के सब घोड़े, रथ, और सवार उनका पीछा किए हुए समुद्र के बीच में चले गए” (निर्गमन 14: 20-23)।

पानी का पृथक्करण

बाइबल कहती है कि परमेश्वर ने उस “रात भर” पानी को वापस कर लिया:

“और रात के पिछले पहर में यहोवा ने बादल और आग के खम्भे में से मिस्रियों की सेना पर दृष्टि करके उन्हें घबरा दिया। और उसने उनके रथों के पहियों को निकाल डाला, जिससे उनका चलना कठिन हो गया; तब मिस्री आपस में कहने लगे, आओ, हम इस्राएलियों के साम्हने से भागें; क्योंकि यहोवा उनकी ओर से मिस्रियों के विरुद्ध युद्ध कर रहा है।”

“फिर यहोवा ने मूसा से कहा, अपना हाथ समुद्र के ऊपर बढ़ा, कि जल मिस्रियों, और उनके रथों, और सवारों पर फिर बहने लगे। तब मूसा ने अपना हाथ समुद्र के ऊपर बढ़ाया, और भोर होते होते क्या हुआ, कि समुद्र फिर ज्यों का त्योंअपने बल पर आ गया; और मिस्री उलटे भागने लगे, परन्तु यहोवा ने उन को समुद्र के बीच ही में झटक दिया” (पद 24-27)।

पद 24 कहता है कि “सुबह की घड़ी” तक, मिस्र की सेनाएँ लाल सागर तक पहुँचने और इस्राएल पर हमला करने की कोशिश कर रही थीं। लेकिन “सुबह” तक, समुद्र अपनी प्राकृतिक स्थिति में लौट आया था और मिस्र की सेना समुद्र में डूब गई थी। इन वाक्यांशों से हम यह निष्कर्ष निकाल सकते हैं कि लाल सागर का खुलना और बंद होना एक रात के अंतराल में हुआ।

 

परमेश्वर की सेवा में,
BibleAsk टीम

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