बाइबल में मुझे दस आज्ञाएँ कहाँ मिल सकती हैं?

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बाइबल में मुझे दस आज्ञाएँ कहाँ मिल सकती हैं?

दस आज्ञाओं को निर्गमन 20 और व्यवस्थाविवरण 5 में सूचीबद्ध किया गया है। यहाँ बताया गया है कि निर्गमन 20 को कैसे पढ़ा जाता है:

तब परमेश्वर ने ये सब वचन कहे,

1 “कि मैं तेरा परमेश्वर यहोवा हूं, जो तुझे दासत्व के घर अर्थात मिस्र देश से निकाल लाया है॥ तू मुझे छोड़ दूसरों को ईश्वर करके न मानना।”

2 “तू अपने लिये कोई मूर्ति खोदकर न बनाना, न किसी कि प्रतिमा बनाना, जो आकाश में, वा पृथ्वी पर, वा पृथ्वी के जल में है। तू उन को दण्डवत न करना, और न उनकी उपासना करना; क्योंकि मैं तेरा परमेश्वर यहोवा जलन रखने वाला ईश्वर हूं, और जो मुझ से बैर रखते है, उनके बेटों, पोतों, और परपोतों को भी पितरों का दण्ड दिया करता हूं, और जो मुझ से प्रेम रखते और मेरी आज्ञाओं को मानते हैं, उन हजारों पर करूणा किया करता हूं।”

3  “तू अपने परमेश्वर का नाम व्यर्थ न लेना; क्योंकि जो यहोवा का नाम व्यर्थ ले वह उसको निर्दोष न ठहराएगा।”

4 “तू विश्रामदिन को पवित्र मानने के लिये स्मरण रखना। छ: दिन तो तू परिश्रम करके अपना सब काम काज करना; परन्तु सातवां दिन तेरे परमेश्वर यहोवा के लिये विश्रामदिन है। उस में न तो तू किसी भांति का काम काज करना, और न तेरा बेटा, न तेरी बेटी, न तेरा दास, न तेरी दासी, न तेरे पशु, न कोई परदेशी जो तेरे फाटकों के भीतर हो। क्योंकि छ: दिन में यहोवा ने आकाश, और पृथ्वी, और समुद्र, और जो कुछ उन में है, सब को बनाया, और सातवें दिन विश्राम किया; इस कारण यहोवा ने विश्रामदिन को आशीष दी और उसको पवित्र ठहराय।”

5 “तू अपने पिता और अपनी माता का आदर करना, जिस से जो देश तेरा परमेश्वर यहोवा तुझे देता है उस में तू बहुत दिन तक रहने पाए।”

6 “तू खून न करना।”

7 “तू व्यभिचार न करना।”

8 “तू चोरी न करना।”

9 “तू किसी के विरुद्ध झूठी साक्षी न देना।”

10 “तू किसी के घर का लालच न करना; न तो किसी की स्त्री का लालच करना, और न किसी के दास-दासी, वा बैल गदहे का, न किसी की किसी वस्तु का लालच करना।”

हालाँकि, परमेश्वर कि आज्ञाओं का ज्ञान पहले ही स्पष्ट रूप से उपलब्ध था (उत्पत्ति 26: 5), इस्राएलियों ने उनके मिस्र कि दासता के दौरान अपनी आवश्यकताओं को भुला दिया था। इसलिए, परमेश्वर ने स्वयं उन्हें सिनै पर्वत पर अपनी आवाज़ के साथ बोला (निर्गमन 20: 1)। और बाद में, परमेश्वर ने उन्हें स्वयं पत्थर की दो “पट्टिकाओं” पर-अपनी उंगली से भी लिखा था (निर्गमन 31:24 – 24:12; व्यवस्थाविवरण 5:22)।

यीशु ने कहा, “यह न समझो, कि मैं व्यवस्था था भविष्यद्वक्ताओं की पुस्तकों को लोप करने आया हूं। लोप करने नहीं, परन्तु पूरा करने आया हूं, क्योंकि मैं तुम से सच कहता हूं, कि जब तक आकाश और पृथ्वी टल न जाएं, तब तक व्यवस्था से एक मात्रा या बिन्दु भी बिना पूरा हुए नहीं टलेगा” (मत्ती 5: 17,18)। और उसने कहा, “यदि तुम मुझ से प्रेम रखते हो, तो मेरी आज्ञाओं को मानोगे” (यूहन्ना 14:15)।

प्रभु से प्रेम करना और उनकी आज्ञाओं को न निभाना असंभव है, क्योंकि बाइबल कहती है, “और परमेश्वर का प्रेम यह है, कि हम उस की आज्ञाओं को मानें; और उस की आज्ञाएं कठिन नहीं” (1 यूहन्ना 5:3)। जो कोई यह कहता है, कि मैं उसे जान गया हूं, और उस की आज्ञाओं को नहीं मानता, वह झूठा है; और उस में सत्य नहीं” (1 यूहन्ना 2: 4)।

यहाँ अच्छी खबर यह है कि परमेश्वर मनुष्य को उसकी आज्ञाओं को मानने का अनुग्रह देता है “फिर प्रभु कहता है, कि जो वाचा मैं उन दिनों के बाद इस्त्राएल के घराने के साथ बान्धूंगा, वह यह है, कि मैं अपनी व्यवस्था को उन के मनों में डालूंगा, और उसे उन के हृदय पर लिखूंगा, और मैं उन का परमेश्वर ठहरूंगा, और वे मेरे लोग ठहरेंगे” (इब्रानियों 8:10)।

 

परमेश्वर की सेवा में,
BibleAsk टीम

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