(155) बीमारों के पास जाना

बीमारों के पास जाना

1. आखिरकार मसीह किस बात के लिए नेक लोगों की तारीफ करेगा?
“ मैं नंगा था, तुम ने मुझे कपड़े पहिनाए; मैं बीमार था, तुम ने मेरी सुधि ली, मैं बन्दीगृह में था, तुम मुझ से मिलने आए “ (मत्ती 25:36)।

2. अपनी सांसारिक सेवकाई में, मसीह ने बीमारों को चंगा क्यों किया?
“ताकि जो वचन यशायाह भविष्यद्वक्ता के द्वारा कहा गया था वह पूरा हो, कि उस ने आप हमारी दुर्बलताओं को ले लिया और हमारी बीमारियों को उठा लिया।” (मत्ती 8:17) ।

3. मसीह को किससे छुआ गया है?
“ क्योंकि हमारा ऐसा महायाजक नहीं, जो हमारी निर्बलताओं में हमारे साथ दुखी न हो सके; वरन वह सब बातों में हमारी नाईं परखा तो गया, तौभी निष्पाप निकला।“ (इब्रानियों 4:15) ।

4. उसने पतरस के घराने को क्या राहत दी?
“ और यीशु ने पतरस के घर में आकर उस की सास को ज्वर में पड़ी देखा। उस ने उसका हाथ छूआ और उसका ज्वर उतर गया; और वह उठकर उस की सेवा करने लगी।” (मत्ती 8:14,15) ।

5. उसने हमारे लिए क्या मिसाल छोड़ी?
“इसी से प्रेम हम में सिद्ध हुआ, कि हमें न्याय के दिन हियाव हो; क्योंकि जैसा वह है, वैसे ही संसार में हम भी हैं “ (1 यूहन्ना 4:17)।

6. बीमारों के लिए सेवा करते वक्‍त हमें क्या नहीं भूलना चाहिए?
“इसलिये तुम आपस में एक दूसरे के साम्हने अपने अपने पापों को मान लो; और एक दूसरे के लिये प्रार्थना करो, जिस से चंगे हो जाओ; धर्मी जन की प्रार्थना के प्रभाव से बहुत कुछ हो सकता है “ (याकूब 5:16)।

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