क्यों दानिय्येल और प्रकाशितवाक्य बहुत प्रतीकात्मकता (चिन्हों) का उपयोग करते है? इन प्रतीकों का क्या मतलब है?

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कई भविष्यसूचक भविष्यद्वाणीयाँ की गई थीं, जबकि भविष्यद्वक्ता शत्रुतापूर्ण विदेशी राष्ट्र में थे। परमेश्वर ने भविष्यद्वाणियों को प्रतीकों में रखने का एक कारण संदेशों की रक्षा करना था।

लेकिन प्रभु ने वादा किया कि ये प्रतीक उनके बच्चों को दिए जाएंगे जो अभी बाकी दुनिया में छिपे हुए हैं। “तुम को परमेश्वर के राज्य के भेदों की समझ दी गई है, पर औरों को दृष्टान्तों में सुनाया जाता है, इसलिये कि वे देखते हुए भी न देखें, और सुनते हुए भी न समझें” (लूका 8: 10)।

बाइबल के प्रतीकों की व्याख्या करने का सबसे अच्छा तरीका बाइबल को खुद की व्याख्या करने की अनुमति देना है। यहाँ प्रतीकों और उनकी बाइबल व्याख्याओं की एक सूची दी गई है:

पशु और उनके भाग

घोड़ा = लड़ाई में ताकत और शक्ति  अय्यूब 39:19, भजन संहिता 147:10, नीतिवचन 21:31

अजगर = शैतान या उसकी संस्था । यशायाह 27: 1; 30: 6, भजन संहिता 74:13-14; प्रकाशितवाक्य 12:7-9; यहेजकेल 29: 3; यिर्मयाह 51:34

जानवर = राज्य / सरकार / राजनीतिक शक्ति ।  दानिय्येल 7:17, 23

मेमना = यीशु / बलिदान ।  यूहन्ना 1:29; 1 कुरिन्थियों 5:7

सिंह = यीशु / शक्तिशाली राजा ।  प्रकाशितवाक्य  5:4-9; और पुराने नियम में बाबुल ।  यिर्मयाह 50: 43-44, दानिय्येल 7: 4,17,23

रीछ = विनाशकारी शक्ति /मादा फारस ।  नीतिवचन 28:15, 2 राजा 2:23-24, दानिय्येल 7: 5

तेंदुआ = यूनान ।  दानिय्येल 7: 6

सर्प = शैतान । प्रकाशितवाक्य 12: 9; 20: 2

जीभ = भाषा / भाषण ।  निर्गमन 4:10

भेड़िया = फाड़ने वाले शत्रु । मत्ती 7:15

कबूतर = पवित्र आत्मा ।  मरकुस 1:10

मेढ़ा = मादा फारस ।  दानिय्येल 8:20

बकरा = यूनान ।  दानिय्येल 8:21

सींग = राजा या राज्य ।  दानिय्येल 7:24; 8: 5, 21, 22; जकर्याह 1:18, 19; प्रकाशितवाक्य 17:12

पंख = गति / सुरक्षा / छुटकारा । व्यवस्थाविवरण 28:49, मती  23:37

रंग

श्वेत = पवित्रता ।  प्रकाशितवाक्य19: 8

नीला = कानून । गिनती 15: 38-41

बैंगनी = प्रभुत्व ।  मरकुस  15:17, न्यायियों 8:26

लाल / किरिमजी = पाप / भ्रष्टाचार । यशायाह 1:18; नहुम 2:3; प्रकाशितवाक्य17:1-4

धातु, तत्व और प्राकृतिक वस्तुएँ

सोना = शुद्ध चरित्र कीमती और दुर्लभ ।  यशायाह 13:12

चान्दी = शुद्ध वचन और समझ । नीतिवचन 2:4, 3:13-14, 10:20, 25:11, भजन संहिता 12:6

पीतल, शीशा, लोहा, रांगा = अशुद्ध चरित्र । यहेजकेल 22: 20-21

पानी = पवित्र आत्मा / अंनत जीवन । यूहन्ना 7:39, 4:14, प्रकाशितवाक्य 22:17, इफिसियों 5:26

बहुत पानी = आबाद क्षेत्र / लोग, राष्ट्र ।  प्रकाशितवाक्य 17:15

आग = पवित्र आत्मा । लूका 3:16

वृक्ष = क्रूस; लोग / राष्ट्र । व्यवस्थाविवरण  21: 22-23, भजन संहिता 92:12, 37:35

बीज = वंशज / यीशु । रोमियों 9: 8, गलतियों 3:16

फल = काम / कार्य । गलातियों 5:22

अंजीर का पेड़ = एक राष्ट्र जिसे फल लाना चाहिए ।  लुका  13: 6-9

दाख की बारी = चर्च जो फल लाना चाहिए । लुका 20: 9-16

खेत = दुनिया ।  मती 13:38, यूहन्ना  4:35

कटनी = विश्व का अंत । मत्ती 13:39

काटने वाले = स्वर्गदूत । मती 13:39

झाडियां / झाडियांदार मैदान = इस जीवन की परवाह । मरकुस  4:18-19

तारे = स्वर्गदूत  / संदेशवाहक = प्रकाशितवाक्य 1:16, 20; 12:4, 7-9; अय्यूब 38: 7

यरदन = मौत । रोमियों 6: 4, व्यवस्थाविवरण 4:22

पहाड़ = राजनीतिक या धार्मिक-राजनीतिक शक्तियाँ । यशायाह 2: 2, 3; यिर्मयाह 17:3; 31:23; 51:24, 25; यहेजकेल 17:22, 23; दानिय्येल 2:35, 44, 45

चट्टान = यीशु / सत्य । 1 कुरिन्थियों 10: 4; यशायाह 8:13, 14; रोमियों 9:33; मत्ती 7:24

सूर्य = यीशु / सुसमाचार । भजन संहिता 4:11; मलाकी 4: 2; मत्ती 17: 2; यूहन्ना 8:12; 9: 5

हवाएँ = संघर्ष /विद्रोह / “युद्ध की हवा” । यिर्मयाह 25: 31-33; 49:36, 37; 4: 11-13; जकर्याह 7:14

मिश्रित वस्तुएँ

दीपक = परमेश्वर का वचन । भजन संहिता 119:105

तेल = पवित्र आत्मा । जकर्याह 4: 2-6; प्रकाशितवाक्य 4: 5

तलवार = परमेश्वर के वचन । इफिसियों 6:17; इब्रानियों 4:12

रोटी = परमेश्वर का वचन ।  यूहन्ना 6:35, 51, 52, 63

दाखरस = लहू / वाचा / सिद्धांत । लुका  5:37

शहद = सुखी जीवन । यहेजकेल 20: 6, व्यवस्थाविवरण 8: 8-9

वस्त्र = चरित्र । यशायाह 64: 6, यशायाह 59: 6

मुकुट = एक शानदार शासक या शासकत्व । नीतिवचन 16:31, यशायाह 28: 5, यशायाह 62: 3

अंगूठी = अधिकार । उत्पत्ति 41: 42-43, एस्तेर 3:10-11

स्वर्गदूत = संदेशवाहक । दानिय्येल 8:16; 9:21; लुका  1:19, 26; इब्रानियों 1:14

बाबुल = धर्मत्यागी / भ्रम / विद्रोह । उत्पति 10: 8-10; 11: 6-9; प्रकाशितवाक्य 18: 2, 3; 17: 1-5

चिन्ह = स्वीकृति या अस्वीकृति का निशान या मुहर । यहेजकेल 9: 4; रोमियों 4:11; प्रकाशितवाक्य 13:17; 14: 9-11; 7: 2, 3

मुहर = स्वीकृति या अस्वीकृति का निशान या मुहर ।  रोमियों 4:11; प्रकाशितवाक्य 7: 2, 3

श्वेत वस्त्र = विजय / धार्मिकता । प्रकाशितवाक्य 9: 8; 3: 5; 7:14

मिट्टी का बासन / बरतन = व्यक्ति । यिर्मयाह 18:1-4, 2 कुरिन्थियों 4:7

काल = 360 दिन । दानिय्येल 4:16, 23, 25, 32; 07:25; दानिय्येल 11:13

कालों = 720 दिन । दानिय्येल 7:25, प्रकाशितवाक्य 12: 6,14, 13: 5

दिन = शाब्दिक वर्ष । यहेजकेल 4: 6;गिनती 14:34

तुरही = परमेश्वर  के आने की जोरदार चेतावनी । निर्गमन 19: 16-17, यहोशू 6:4-5।

जहाज = वाणिज्य, व्यापार, अर्थशास्त्र । भजन संहिता 107: 23, नीतिवचन 31:14, यशायाह 60: 9

क्रियाएँ, गतिविधियाँ, और भौतिक स्तिथि

चंगाई = मुक्ति । लुका  5: 23-24

कोढ़ / बीमारी = पाप  लुका  5: 23-24

अकाल = सत्य का अकाल । आमोस 8:11

लोग और शरीर के अंग

स्त्री, शुद्ध = सच्ची कलिसिया । यिर्मयाह 6: 2; 2 कुरिन्थियों 11: 2; इफिसियों 5: 23-27

स्त्री, भ्रष्ट = धर्मत्यागी कलिसिया – यहेजकेल 16:15-58; 23: 2-21; होशे 2: 5; 3: 1; प्रकाशितवाक्य 14: 4

चोर = यीशु के अचानक आने की संभावना । 1 थिस्सलुनीकियों 5:2-4; 2 पतरस 3:10

हाथ = काम / कार्य / क्रिया ।  सभोपदेशक 9:10, यशायाह 59: 6

माथा = मन । व्यवस्थाविवरण 6: 6-8, रोमियों 7:25; यहेजकेल 3:8,9

पैर = आपका चलना / दिशा । उत्पत्ति 19: 2, भजन संहिता 119: 105

आँखें = आत्मिक विवेक । मत्ती 13:10-17; 1 यूहन्ना 2:11

चमड़ी = मसीह की धार्मिकता । निर्गमन 12: 5, 1 पतरस 1:19, यशायाह 1: 4-6

व्यभिचारिन = विरोधी कलिसिया/ धर्म । यशायाह 1: 21-27; यिर्मयाह 3:1-3; 6-9

सिर = प्रमुख शक्तियां / शासक / सरकारें । प्रकाशितवाक्य 17: 3, 9, 10

 

परमेश्वर की सेवा में,
BibleAsk टीम

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