क्या दुष्ट उनकी मृत्यु के समय नरक में जाते हैं?

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“तो प्रभु के भक्तों को परीक्षा में से निकाल लेना और अधमिर्यों को न्याय के दिन तक दण्ड की दशा में रखना भी जानता है” (2 पतरस 2: 9)।

“सो जैसे जंगली दाने बटोरे जाते और जलाए जाते हैं वैसा ही जगत के अन्त में होगा। मनुष्य का पुत्र अपने स्वर्गदूतों को भेजेगा, और वे उसके राज्य में से सब ठोकर के कारणों को और कुकर्म करने वालों को इकट्ठा करेंगे। और उन्हें आग के कुंड में डालेंगे, वहां रोना और दांत पीसना होगा” (मत्ती 13:40-42।

“कि विपत्ति के दिन के लिये दुर्जन रखा जाता है; और महाप्रलय के समय के लिये ऐसे लोग बचाए जाते हैं? तौभी वह क़ब्र को पहुंचाया जाता है, और लोग उस क़ब्र की रखवाली करते रहते हैं” (अय्यूब 21:30, 32)।

उपरोक्त पदों में, बाइबल स्पष्ट रूप से बताती है कि दुष्टों को न्याय के दिन आने तक कहीं सुरक्षित रखा जाता है। वे कहाँ आरक्षित हैं? यीशु इस सवाल का जवाब देता है, ” इस से अचम्भा मत करो, क्योंकि वह समय आता है, कि जितने कब्रों में हैं, उसका शब्द सुनकर निकलेंगे। जिन्हों ने भलाई की है वे जीवन के पुनरुत्थान के लिये जी उठेंगे और जिन्हों ने बुराई की है वे दंड के पुनरुत्थान के लिये जी उठेंगे” (यूहन्ना 5:28, 29)। यीशु बताते हैं कि हर किसी को उसकी कब्र में आरक्षित किया जाएगा जब तक कि पुनरुत्थान में जीवन या नरकदण्‍ड प्राप्त करने के लिए नहीं बुलाया जाता।

पुनरुत्थान दिन तक अच्छे और बुरे दोनों उनकी कब्र में सो रहे हैं। उस समय उन्हें न्याय का सामना करने के लिए सामने लाया जाता है, जिसके बाद दंड और पुरस्कार दिए जाते हैं। अय्यूब ने कहा, “वैसे ही मनुष्य लेट जाता और फिर नहीं उठता; जब तक आकाश बना रहेगा तब तक वह न जागेगा, और न उसकी नींद टूटेगी। भला होता कि तू मुझे अधोलोक में छिपा लेता, और जब तक तेरा कोप ठंढा न हो जाए तब तक मुझे छिपाए रखता, और मेरे लिये समय नियुक्त कर के फिर मेरी सुधि लेता। यदि मनुष्य मर जाए तो क्या वह फिर जीवित होगा? जब तक मेरा छूटकारा न होता तब तक मैं अपनी कठिन सेवा के सारे दिन आशा लगाए रहता। तू मुझे बुलाता, और मैं बोलता; तुझे अपने हाथ के बनाए हुए काम की अभिलाषा होती” (अय्यूब 14: 12-15)।

इस प्रकार दुष्टों को दुनिया के अंत में न्याय के दिन आग में डाल दिया जाएगा-ना की जब वे मरेंगे। इसका स्पष्ट अर्थ है कि अभी कोई भी नरक में नहीं है। यह केवल उचित है कि किसी को सजा तब तक नहीं दी जानी चाहिए जब तक कि उसके मामले में न्याय नहीं हो जाता। दूसरे आगमन पर लोगों को पुरस्कृत या दंडित किया जाता है, न कि पहले। “देख, मैं शीघ्र आने वाला हूं; और हर एक के काम के अनुसार बदला देने के लिये प्रतिफल मेरे पास है” (प्रकाशितवाक्य 22:12)।

 

परमेश्वर की सेवा में,
BibleAsk टीम

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